पूर्व सपा विधायक के आश्रम से उन्नाव की लापता दलित लड़की का मिला शव

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आठ दिसंबर को इस लड़की के लापता होने के बाद लड़की की मां ने आरोप लगाया था कि पूर्व मंत्री के बेटे राजोल सिंह ने उनकी बेटी का अपहरण कर लिया है।

पुलिस ने कहा, 22 वर्षीय दलित लड़की के लापता होने के दो महीने बाद, समाजवादी पार्टी सरकार में एक पूर्व मंत्री फतेह बहादुर सिंह द्वारा चलाये जा रहे एक आश्रम के पास एक खाली भूखंड से उस लापता लड़की का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया है। इस मामले का मुख्य आरोपी राजोल सिंह बताया जा रहा है जो फतेह बहादुर का बेटा है। पुलिस ने आगे की कार्रवाई के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 

उन्नाव के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशि शेखर सिंह ने कहा, हमने आरोपी राजोल सिंह से रिमांड पर पूछताछ की। जिसके बाद एसओजी की टीम ने गुरुवार को महिला का शव बरामद किया। लड़की के शव को आश्रम के पास एक प्लाट में दफना दिया गया था। हमने उस स्थान की पहचान करने के लिए स्थानीय खुफिया और मोबाइल निगरानी का इस्तेमाल किया जहां शव को दफनाया गया था।

पुलिस न आगे कहा कि मामला अवैध संबंधों का लगता है, अभी जांच की जा रही है, जो भी इस घटना में शामिल पाया जाएगा उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस बीच, बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा और मांग की कि पीड़ित परिवार को न्याय सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई करे। 

मायावती ने ट्वीट किया "उन्नाव जिले में सपा नेता के खेत में एक दलित लड़की का शव बरामद होना एक बहुत ही दुखद और गंभीर मामला है। परिवार के सदस्य पहले से ही सपा नेता के अपहरण और हत्या के बारे में संदेह कर रहे थे। राज्य सरकार को तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। दोषियों को पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने के लिए।“

इससे पहले बीते साल के आठ दिसंबर को इस लड़की के लापता होने के बाद लड़की की मां ने आरोप लगाया था कि पूर्व मंत्री के बेटे राजोल सिंह ने उनकी बेटी का अपहरण कर लिया है। लड़की की मां ने स्थानीय पुलिस के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अप्रिय घटना की आशंका भी जताई और आरोपी राजोल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। 

मालूम हो कि बीते महीने 24 जनवरी को पीड़िता की मां ने लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के वाहन के सामने आत्मदाह का प्रयास किया और पुलिस पर उनकी बेटी के ठिकाने का पता लगाने में ढिलाई बरतने का आरोप भी लगाया था। इसके बाद पुलिस ने उसी दिन राजोल सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। शव मिलने से मां की आशंका की पुष्टि हुई है। बेटी के लापता होने के एक दिन बाद मां ने राजोल सिंह के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था। 

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